सत्य का सामना / अक्सर हम देखते है की फोन रिकॉर्डिंग का उपयोग कोई रिकॉर्ड को दुबारा सुनने या महत्वपूर्ण कॉल को समझने के लिए करता है लेकिन आजकल इसका दुरूपयोग भी बढ़ गया है, कई तो इससे, वसूली और ब्लैकमेल के रूप में भी इस्तेमाल करते है, आइये जाने अगर कोई आपसे बिना अनुमति के कॉल को रिकॉर्ड करता है तो उसे किस धारा के तहत जेल और जुर्माना हो सकता है….

बिना अनुमति के कॉल रिकॉर्ड करना गैरकानूनी है और इसके लिए कानूनी कार्रवाई हो सकती है। भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 500 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66E, 72 के तहत कार्रवाई हो सकती है।
विस्तार में:
IPC धारा 500: मानहानि के लिए सजा, यदि रिकॉर्डिंग का उपयोग मानहानि के लिए किया जाता है.
IT अधिनियम की धारा 66E: निजता के उल्लंघन के लिए सजा.
IT अधिनियम की धारा 72: किसी भी व्यक्ति की जानकारी या दस्तावेज को बिना उसकी अनुमति के प्रकट करने पर सजा.
इसके अलावा, बिना अनुमति के कॉल रिकॉर्ड करना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निजता के अधिकार का उल्लंघन माना जाता है. यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति के कॉल रिकॉर्ड करता है और उसका उपयोग किसी को परेशान करने, ब्लैकमेल करने या किसी भी गैरकानूनी उद्देश्य के लिए करता है, तो उस पर तीन साल की सजा और जुर्माना हो सकता है…
