महाकुंभ प्रयागराज 2025: सत्य का सामना/ मौनी अमावस्या के स्नान के बाद तीसरा अमृत स्नान 3 फ़रवरी बसंत पंचमी के अवसर पर होना है , ऐसे में योगी सरकर ने कड़ा कदम उठाते हुए अधिकारियो को सख्त निर्देश दिए है कल ही दो आईएएस को कार्य के उचित संचालन के लिए महाकुम्भ में नियुक्त किया गया है । गौरतलब हैं की मौनी अमावस्या के अमृत स्नान में भगदड़ मचने से 30 श्रद्धालूओ की मौत और करीब 60 घायल हुए थे, उसे देखते हुए योगी सरकार ने कड़े कदम उठाए है , अब तक करीब 30 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान का लाभ अर्जित कर लिया है ……

भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन का प्लान
स्पेशल अधिकारियों की तैनाती:
महाकुंभ मेला की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए 12 फरवरी तक स्पेशल अधिकारियों को तैनात किया गया है, जिसमें पहले के अनुभव वाले अधिकारी भी शामिल हैं।
सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा
गुरुवार को मुख्य सचिव और डीजीपी महाकुंभ मेला की सुरक्षा व्यवस्था और बसंत पंचमी पर होने वाले ‘अमृत स्नान’ की व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।
नो-व्हीकल जोन घोषित
हादसे के बाद मेला क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है, जिससे अब मेला क्षेत्र में किसी भी वाहन का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
होल्डिंग एरिया: मे
क्षेत्र में भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने के लिए सीमावर्ती इलाकों में होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं।
बिजली, पानी और खाने की सुविधा
होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर खाने, पानी और बिजली की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
VVIP पास रद्द
मेला क्षेत्र में अब किसी भी प्रकार के VVIP पास रद्द कर दिए गए हैं, जिससे अब कोई भी विशेष पास के माध्यम से वाहन को एंट्री नहीं दी जाएगी।
रास्ते किए वन-वे
बसंत पंचमी के अवसर पर शहर में चार पहिया वाहनों की एंट्री पर 4 फरवरी तक रोक लगा दी गई है। साथ ही, मार्गों को वन-वे किया गया है ताकि श्रद्धालु एक ही रास्ते से आएं और दूसरे से वापस जाएं।
पड़ोसी राज्यों के मालवाहक वाहनों पर रोक:
महाकुंभ के दौरान भारी भीड़ और ट्रैफिक को देखते हुए बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और एमपी से आने वाले मालवाहक वाहनों को 31 जनवरी तक यूपी के सीमावर्ती जिलों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सवारी वाहनों पर रोक:
अमावस्या पर हुए हादसे के बाद अब प्रयागराज से सटे जिलों से आने वाले सवारी वाहनों को जिले की सीमा पर रोका जा रहा है।
डिजिटल खोया-पाया केंद्र: महाकुंभ मेला में 10 डिजिटल खोया-पाया केंद्र बनाए गए हैं, जिनको और अधिक सुगम किया गया है। इसके अलावा, शिकायत या सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1920 जारी किया गया है।
