
मैनेपाट वन क्षेत्र में 11 केवी लाइन से जोड़कर बिछाया गया था करंट, सियार की भी हुई मौत
न्यूज़ नेटवर्क। सरगुजा जिले के मैनेपाट वन परिक्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अवैध शिकार के लिए बिछाए गए करंट के जाल में फंसकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना 25 मार्च 2026 की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मैनेपाट परिक्षेत्र के बंदना परिसर अंतर्गत कक्ष क्रमांक पी-2355, स्थानीय नाम बड़ेरा जंगल में बिजली लाइन से जुड़े तार के कारण एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान मिसर यादव (पिता- कांशी यादव), निवासी ग्राम मुड़गिडीह के रूप में की गई है। मौके पर एक सियार का शव भी मिला, जिससे स्पष्ट हुआ कि यह करंट जाल वन्यजीवों के शिकार के लिए बिछाया गया था।
वन विभाग की जांच में सामने आया कि लगभग 1300 मीटर लंबा जीआई तार 11,000 केवी विद्युत लाइन से जोड़कर अवैध शिकार के उद्देश्य से मड़ियाकोंना से घटना स्थल तक फैलाया गया था। यह पूरी साजिश सुनियोजित तरीके से रची गई थी।
वन विभाग की कार्रवाई
वनमंडलाधिकारी सरगुजा के निर्देश और उपवनमंडलाधिकारी सीतापुर के मार्गदर्शन में परिक्षेत्र अधिकारी मैनेपाट और वन अमले ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान 6 आरोपियों की पहचान की गई:
जहर पिता स्व. मानसाय (उम्र 70 वर्ष) जयपाल पिता रूपसाय (उम्र 45 वर्ष) निर्मल कुजूर (उम्र 65 वर्ष) घुरसाय पिता सुंदर मांझी (उम्र 38 वर्ष) विश्वनाथ पिता मंगल (उम्र 46 वर्ष) श्यामसुंदर पिता निर्मल कुजूर (उम्र 25 वर्ष)
सभी आरोपी अलग-अलग गांवों के निवासी हैं और मिलकर अवैध शिकार के लिए करंट का जाल बिछा रहे थे।
बरामदगी और गिरफ्तारी
घटना स्थल से वन विभाग ने करंट वाला तार, खूंटी और मृत सियार को जब्त किया। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कमलेश्वरपुर थाना लाया।
कानूनी कार्रवाई
आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 और संशोधन अधिनियम 2002 की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अवैध शिकार के लिए बिजली करंट का इस्तेमाल न केवल वन्यजीवों बल्कि इंसानों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहा है। वन विभाग की सतर्कता से मामला सामने आया ।
