Share Market update 19 December: अमेरिकी शेयर बाजार के गिरने से सेंसेक्स और निफ्टी 50 के कमजोर शुरूवात से खुलने की उम्मीद….

शेयर बाजार

सत्य का सामना/अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अगले साल ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कम करने के बाद वैश्विक बाजारों में भूचाल आ गया। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक, सेंसेक्स और निफ्टी 50 गुरुवार को बड़ी गिरावट के साथ खुलने की उम्मीद है। एशियाई बाजारों में गिरावट आई, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई, सभी तीन प्रमुख सूचकांकों ने महीनों में अपनी सबसे बड़ी दैनिक गिरावट दर्ज की।

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 502.25 अंक या 0.62% की गिरावट के साथ 80,182.20 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 137.15 अंक या 0.56% कम होकर 24,198.85 पर बंद हुआ।

 

 

अमेरिकी बाजार धड़ाम हुआ है. कल रात दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के शेयर बाजारों में तेज गिरावट आई. 18 दिसंबर 2024 को अमेरिकी बाजार का प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स डाओ जोंस 1123 अंक टूटकर 42336.87 के स्तर पर क्‍लोज हुआ. वहीं नैसडैक जैसे इंडेक्‍स 600 अंक से ज्‍यादा टूटे. एक्सपर्ट्स का कहना है कि साल 2025 में 4 की जगह सिर्फ 2 रेट कट की संभावना है, जिस कारण बाजार का मूड खराब हो गया है…

 

रेट कट के फैसले के बाद अमेरिकी बाजारों में और तेज गिरावट आई है. कल रात अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक ने 0.25 फीसदी रेट कट का ऐलान किया है, जो लगातार तीसरी बार कटौती है. इस कारण बाजार का मूड बिगड़ा है और ग्‍लोबल मार्केट में भारी गिरावट आई है. इन्‍हीं संकेत के कारण भारतीय बाजार भी दबाव में आ सकता है. खासकर आईटी कंपनियों के शेयरों पर दबाव दिख सकता है.

 

गिफ्टी निफ्टी क्‍या दे रहा संकेत?

इधर, गिफ्ट निफ्टी को देखें तो यह 300 अंक नीचे था. हालांकि अभी ये ग्रीन जोन में है. एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि आज स्थिरता देखने को मिल सकती है. आईटी शेयरों में हैवी गिरावट भी आ सकती है. वहीं एशियाई बाजार में यूएस मार्केट का असर दिखाई दे रहा है, जो संकेत दे रहा है कि भारतीय बाजार में भी इसका असर दिन के कारोबार के दौरान हो सकता है.

क्यों टूटा अमेरिकी बाजार आइए जाने

अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व की कॉमेंट्री का असर है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि US फेड की कमेंट्री से बाजार डर गया है. बुधवार की कॉमेंट्री से साल 2025 में सिर्फ 2 बार कटौती के संकेत मिले है. वहीं, महंगाई पर अभी और सख्ती की जरूरत सेंट्रल बैंक ने कही है.

 

 

 

 

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