नये साल में मिलेगा देश को तीन नई एयरलाइन्स का तोहफा, एयर शंख के चेयरमैन, को फाउंडर श्रवण कुमार विश्वकर्मा सबसे अधिक चर्चा में..

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डिजिटल नेटवर्क /सत्य का सामना / देश वासियो को नये साल में 3 नई एयरलाइन्स का तोहफा मिलने वाला है। केंद्र सरकार ने तीन नई एयरलाइन्स को मंजूरी दे दी है। नागरिक उड्डयन  मंत्रालय (Civil Aviation minisitry )ने तीन नई प्रस्तावित एयरलाइन को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC ) जारी किया है। इसका मतलब यह है की देश में अब एयर इंडिया, इंडिगो, और स्पाइसजेट के अलावा तीन और ऑप्शन होंगे। तीन नई एयरलाइन्स आने से एविएशन सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और इसका फायदा आम लोगो को मिलेगा…

 

 

कौन सी तीन नई एयरलाइन्स होगी

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री रामबन नायडू ने एक्सपोर्ट में कहा कि पिछले सप्ताह उन्होंने तीन नई एयरलाइंस की टीमों से मुलाकात की है जो की भारतीय आसमान में उड़ान भरने की चाह रखने वाले तीन नई एयरलाइंस एयर शंख, अल हिंद और फ्लाई एक्सप्रेस की टीमों से मिले और बधाई दी…

 

 

केंद्रीय मंत्री ने और क्‍या बताया?

राम मोहन नायडू जी ने कहा, ‘केंद्र सरकार की नीतियों के कारण भारतीय एविएशन दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते एविएशन बाजारों में से एक है और मंत्रालय का प्रयास रहा है कि भारतीय एविएशन में ज्‍यादा से ज्‍यादा एयरलाइंस को बढ़ावा दिया जाए. उड़ान(UDAN) जैसी योजनाओं ने छोटे कैरियर जैसे स्टार एयर, इंडिया वन एयर, Fly91 वगैरह को देश के अंदर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम बनाया है और आगे विकास की और भी गुंजाइश को बताया..

 

 

इन तीनो एयरलाइन्स में सबसे अधिक चर्चा “शंख एयर “की है जिनके चेयरमैन और फाउंडर श्रवण कुमार विश्वकर्मा है इनकी कहानी एक फ़िल्म के जैसी है जिनका सफर ऑटो चलाने से लेकर आज ऐवीएशन सेक्टर  में धमाकेदार एंट्री हुई है….

 

कौन है श्रवण कुमार विश्वकर्मा?

श्रवण कुमार विश्वकर्मा “एयर शंख ” के फाउंडर और चेयरमैन है। उत्तरप्रदेश के कानपुर से ताल्लुक रखने वाले श्रवण कुमार विश्वकर्मा एक साधारण मध्यवर्गीय परिवार में जन्मे थे। बचपन में पढ़ाई साधारण रही और और पढ़ाई में ध्यान कम होने की वजह से उन्होंने अपना ध्यान बिजनेस में लगाया। इसके बाद उन्होंने बिजनेस की दुनियां में कदम रखा धीरे धीरे बिजनेस की दुनियां में अपना नाम बनाया। पहला काम (TMT) सरिया का बिजनेस था। इसके बाद उन्होंने पीछे मूड के नहीं देखा आगे सीमेंट, माइनिंग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में सफलता हासिल की यही से उनके कारोबार की पहचान बनी और आगे बढ़ते चले गए….

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