राजधानी रायपुर / सत्य का सामना / राजधानी रायपुर से लगे सटे शराब दुकानों में एक बार फिर से ओवर रेट और कोचीयाओ की कोचीयागिरी शुरू हो गई है यह सब अधिकारियो के मौन समर्थन से ही संभव है…

रायपुर जिले के माना स्थित देशी एवं अंग्रेजी शराब दुकान में भीड़ होते ही मसाले एवं गोवा में दस दस रूपये को अतिरिक्त राशि ली जाती है विरोध करने देख लेने की धमकी दी जाती है…

अंग्रेजी शराब दुकानों में जम्मू की मांग कम है उसे 120 रूपये तय की गई राशि पे विक्रय किया जाता है लेकिन गोवा की डिमांड ज्यादा होने से भीड़ होने पे दस रूपये की अतिरिक्त राशि लेकर विक्रय किया जाता है…
दूसरे तरफ नंबर 1 की जो की मदिरा प्रेमियों में काफ़ी लोकप्रिय है उसका सरकारी रेट 190 रूपये निर्धारित किया गया है सेल्समेन द्बारा उससे भी 10 रूपये की अतिरिक्त राशि ली जाती है…
जो हाल अंग्रेजी शराब दुकान का है वही हाल देशी मंदिरा दुकानों का है मजदूर वर्ग में मसाला और प्लेन काफ़ी लोकप्रिय है रेट कम होने एवं व देशी होने के वजह से अधिकतर श्रमिक वर्ग के लोग इनका सेवन करते है, यूनिक में लाल और प्लेन की डिमांड कम होने से शोले और शेरा की ज्यादा डिमांड है, लेकिन भीड़ होने से 10 रूपये की अतिरिक्त राशि मदिरा प्रेमियों से वसुला जाता है, वही देशी मदिरा दुकान के सुपरवाइजर अजय उर्फ़ दिलीप ठाकुर से फोन करने पे फोन बंद बताया..
तनख्वाह में बढ़ोतरी
पिछले सरकार के शराब घोटाले के बाद मदिरा दुकानों में कसावट लाने हेतु सरकार ने सुपरवाइजर और सेल्समैन के तनख्वाह में बढ़ोतरी की है, समय समय में अधिकारी जिले स्थित सभी दुकानों में जाँच करते है अवैध कोचीयाओ की धरपकड़ भी करते है बावजूद ओवररेट और कोचीयाओ पे अब भी सरकार रोक नहीं लगा पाई है यह शासन की विफलता है या कुछ और यह सवालों के घेरों में है?
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