बिलासपुर /डिजिटल डेस्क /सत्य का सामना / बिलासपुर ट्रेन हादसे ने पुरे राज्य को झकझोर दिया है हादसा इतना दुखद है की इसे शब्दो में बयान करना मुश्किल है। घटना इतना भयावह था की रेस्क्यू ऑपरेशन पुरे रात भर चला…

हादसे में अब तक लोको पायलट समेत 11 यात्रियों के मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। हादसा इतना भयावह था की जैसे ही घटना घटी चारो ओर चीख पुकार मच गई हादसे में जो लोग फंसे थे मदद के लिए गुहार लगा रहे थे इस खतरनाक मंजर को जिसने भी देखा वह सिहर उठा। रात भर NDRF और SDRF और स्थानीय पुलिस की टीम लगातार काम करती रही। मलबे को हटाने फसे लोगो को निकालने में काफ़ी दिक्क़तो का सामना करना पड़ा…
10 घंटे चला मौत से जिंदगी का संघर्ष
कल शाम से लेकर आज सुबह तक यह पूरा क्षेत्र एक इमरजेंसी ज़ोन बना रहा. 10 घंटे तक चले इस लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ही एक-एक करके शवों को बाहर निकाला गया. दुख की बात यह है कि मरने वालों में ट्रेन के लोको पायलट भी शामिल हैं, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है..
जो यात्री इस हादसे में बच गए हैं, वे गहरे सदमे में हैं. उन्होंने अपनी आँखों के सामने अपनों को खोया है और इस मंजर को भुलाना उनके लिए बेहद मुश्किल होगा. रेल प्रशासन और राज्य सरकार दोनों ने ही इस दुखद घटना पर दुख व्यक्त किया है और मुआवज़े की घोषणा की है..
ट्रेन में सफर कर रही छात्रा प्रिया चंद्रा लापता
बिलासपुर रेल हादसे में ट्रेन में सफर कर रही प्रिया चंद्रा लापता हो गई हैं. प्रिया चाम्पा से ट्रेन में बैठी थीं और बिलासपुर में गुरुघासीदास यूनिवर्सिटी की छात्रा हैं. वह सक्ती जिले के जैजैपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बहेराडीह की रहने वाली हैं. मामले की जानकारी मिलने पर उनके परिजन बिलासपुर के लिए रवाना हो गए हैं.

मृतक के परिजनों को मुआवजा
इस हादसे में मारे गए मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया गया है. वहीं, गंभीर रूप से घायल को 5 लाख रुपये देने का ऐलान किया गया है. सामान्य रूप से घायल को 1 लाख रुपये दिए जाएंगे. रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया है..
