पटना/ बिहार पुलिस और एसटीएफ ने मिलकर वैशाली जिले में कुख्यात लुटेरे अरविंद सहनी को एनकाउंटर में मार गिराया। अरविंद सहनी लूट, हत्या के दर्जनों मामलों में फरारी काट रहा था। बीते 28 मई को वह समस्तीपुर कोर्ट से पुलिसकर्मियों को धक्का देकर अपने 3 साथियों के साथ भाग गया था। उसके बाद से पुलिस और एसटीएफ को उसकी तलाश थी।

मुजफ्फरपुर पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा था। 10 दिन पहले उसकी लोकेशन पुलिस को मिल गई थी। मगर वह पुलिस को चकमा देकर वहां से भी भाग निकला था। समस्तीपुर कोर्ट से फरार होने के 78 दिनों बाद अरविंद सहनी एनकाउंटर में ढेर हो गया। उसके खिलाफ वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण जिलों में कई केस दर्ज थे। बिहार से बाहर भी उसने डकैती करके आतंक मचा रखा था। छत्तीसगढ़ में उसने बड़ी गोल्ड लूट को अंजाम दिया..
यह एनकाउंटर वैशाली प्रखंड के चिंतामणिपुर हाई स्कूल के पीछे बगीचे में गुरुवार शाम को हुआ। बिहार एसटीएफ और वैशाली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की। तभी अरविंद सहनी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी गोलीबारी में अरविंद सहनी ढेर हो गया। एक पुलिसकर्मी को हाथ में गोली लगी। वहीं, कुछ अन्य जवानों को भी चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मुठभेड़ के दौरान करीब 20 राउंड गोलियां चलीं।
यह एनकाउंटर वैशाली प्रखंड के चिंतामणिपुर हाई स्कूल के पीछे बगीचे में गुरुवार शाम को हुआ। बिहार एसटीएफ और वैशाली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की। तभी अरविंद सहनी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी गोलीबारी में अरविंद सहनी ढेर हो गया। एक पुलिसकर्मी को हाथ में गोली लगी। वहीं, कुछ अन्य जवानों को भी चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मुठभेड़ के दौरान करीब 20 राउंड गोलियां चलीं।
