महाकुंभ प्रयागराज 2025 : महाशिवरात्री के अवसर पर आज महाकुंभ का अंतिम स्नान, 2 करोड़ श्रद्धालु आज लगाएंगे डुबकी, अब तक 65 करोड़ से अधिक ने स्नान किया…

महाकुंभ 2025

महाकुंभ प्रयागराज/महाशिवरात्रि पर यानी आज ही महाकुंभ मेले का अंतिम स्नान किया जा रहा है और इसी के साथ कुंभ मेले का समापन भी हो जाएगा. आज शुभ मुहूर्त में कुंभ मेले में स्नान करने से भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त होगी और मृत्यु के बाद शिवलोक की प्राप्ति होगी. आइए जानते हैं कुंभ स्नान का शुभ मुहूर्त, स्नान विधि और महत्व…

आज देशभर में धूमधाम से महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है और आज ही महाकुंभ का अंतिम स्नान भी है. महाकुंभ में 6 अमृत स्नान थे और अब महाशिवरात्रि के दिन यानी आज अंतिम अमृत स्नान बचे हैं. महाशिवरात्रि पर ग्रह-नक्षत्रों का दुर्लभ संयोग बना हुआ है, जिससे आज के दिन महत्व और भी बढ़ गया है. मान्यता है कि त्रिवेणी संगम में स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. साथ ही ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव से भी मुक्ति मिलती है. अगर आप भी महाशिवरात्रि पर महाकुंभ में स्नान करना चाहते हैं तो शुभ मुहूर्त में स्नान करने से कई फायदे मिलेंगे. आइए जानते हैं कुंभ स्नान करने का शुभ मुहूर्त, स्नान विधि और महत्व

 

महाशिवरात्रि पर कुंभ स्नान का महत्व

हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि के दिन किए जाने वाले अंतिम कुंभ मेले में स्नान का विशेष महत्व है. मान्यता है कि जो कोई भी व्यक्ति कुंभ मेले के अंतिम दिन स्नान करता है, उनको इस जन्म के साथ-साथ पूर्व जन्म के सभी पापों से छुटकारा मिलता है और मृत्यु के बाद मोक्ष की भी प्राप्ति होती है. इतना ही नहीं, महाशिवरात्रि के दिन कुंभ में स्नान करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और कुंडली से पितृदोष भी दूर होता है. यूं तो महाकुंभ में स्नान करने के लिए हर दिन महत्वपूर्ण होता है लेकिन महाशिवरात्रि के दिन अंतिम स्नान करने से अमरत्व की प्राप्ति होती है.

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