देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कहा कि प्रदेश में सोमवार से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर दी जाएगी। उत्तराखंड भारत का पहला राज्य होगा, जहां यह कानून प्रभावी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा, यूसीसी लागू करने के लिए सभी जरूरी तैयारियां कर ली गई हैं। इनमें अधिनियम की नियमावली को मंजूरी और अधिकारियों की ट्रेनिंग शामिल है।

फोटो: पुष्कर धामी मुख्यमंत्री
उन्होंने कहा, यूसीसी से समाज में एकरूपता आएगी और सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और दायित्व तय होंगे। समान नागरिक संहिता के अंतर्गत जाति, धर्म, लिंग आदि के आधार पर भेद करने वाले व्यक्तिगत नागरिक मामलों से संबंधित सभी कानूनों में एकरूपता लाने की कोशिशि की गई है।
आखिर क्या है समान नागरिक कानून
इसका मतलब है कि देश में रहने वाले हर नागरिक के लिए एक समान कानून होगा। चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का क्यों न हो। UCC जहां भी लागू किया जाएगा, वहां शादी, तलाक, जमीन-जायदाद और गोद लेने के नियम में सभी धर्मों के लिए एक ही कानून लागू होगा। इसमें धर्म, संप्रदाय, जेंडर के आधार पर भेदभाव की कोई गुंजाइश नहीं होती है। फिलहाल धर्म के आधार पर इन मसलों के लिए अलग-अलग कानून हैं। मुस्लिम, ईसाई और पारसियों का अपना-अपना पर्सनल लॉ है जबकि हिंदू सिविल लॉ के तहत हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध आते हैं
