Chaitra Navratri Ke 9 Rang : चैत्र नवरात्रि का आरंभ 19 मार्च,आज गुरुवार से हो रहा है। इस दिन कलश स्थापना के पश्चात अगले नौ दिनों तक मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। मान्यता है की नवरात्रि में हर दिन के अनुसार शुभ रंग धारण करने से जीवन में ग्रहों की अनुकूलता बढ़ती है। ऐसे में आइए जानें चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों के शुभ रंग।

चैत्र नवरात्रि के 9 दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। मान्यता है की देवी की पूजा में हर दिन के रंग के अनुसार, फल, फूल और भोग अर्पित करने से माता रानी प्रसन्न होती हैं। साथ ही, जो जातक नवग्रह दोष से पीड़ित हैं, तो इसके निवारण के लिए नवरात्रि के नौ दिन अलग-अलग रंग के वस्त्र पहन सकते हैं। इससे जीवन में शुभता आती है और ग्रहों की अनुकूलता भी बनी रहती है। ऐसे में आइए विस्तार से जानें की चैत्र नवरात्रि के 9 दिनों के दौरान किस-किस रंग के वस्त्र पहनना शुभ होता है।
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन का रंग
नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा करने का विधान होता है। इस दिन गुलाबी व सफेद रंग के वस्त्र धारण करके देवी की पूजा करनी चाहिए। वहीं, पहले दिन गुरुवार का दिन होने से बृहस्पति की अनुकूलता बढ़ेगी। इससे जीवन में सुख-शांति आने लगेगी।
चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन का रंग
दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने का विधान होता है। मान्यता है की इस दिन नारंगी व केसरिया रंग के वस्त्र पहनकर मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप की पूजा करनी चाहिए। साथ ही, द्वितीय दिन शुक्रवार का दिन होने से शुक्र ग्रह का शुभ प्रभाव आपके जीवन पर पड़ेगा।
चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन का रंग
नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप देवी चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। इस दिन लाल या हरे रंग के वस्त्र पहनकर माता रानी की श्रद्धा पूर्वक पूजा करनी चाहिए। वहीं, तीसरे दिन शनिवार का दिन होने से कुंडली में शनि की स्थिति भी बेहतर होने लगेगी।
चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन का रंग
मां दुर्गा का चौथा स्वरूप कुष्मांडा देवी है। ऐसे में चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन इन्हीं की पूजा की जाएगी। इस दिन नारंगी और पीले रंग पहनकर पूजा करने का खास महत्व होता है। साथ ही, इस दिन रविवार का दिन होने से सूर्य ग्रह का अनुकूल प्रभाव भी जीवन पर देखने को मिल सकता है।
चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन का रंग
नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। इस दिन सिल्वर और ग्रे कलर के कपड़े पहनकर पूजा करना बहुत शुभ माना गया है। वहीं, पांचवें दिन सोमवार का दिन होने से इससे कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है। साथ ही, जातक के मनोबल में वृद्धि होती है।
चैत्र नवरात्रि के छठे दिन का रंग
दुर्गा मां का छठा स्वरूप मां कात्यायनी है। ऐसे में चैत्र नवरात्रि के छठे दिन पर लाल और गुलाबी रंग के वस्त्र पहनकर देवी की पूजा करनी चाहिए। साथ ही, इस दिन मंगलवार का दिन होने से जातक के जीवन में मंगल ग्रह की शुभता बढ़ती है और देवी का भी आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है।
चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन का रंग
नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना करने का विधान होता है। इस दिन साधक को बैंगनी और हरे रंग के कपड़े पहनकर श्रद्धापूर्वक माता रानी की पूजा करनी चाहिए। वहीं, इस दिन बुधवार का दिन होने से जातक के जीवन में बुध ग्रह की शुभता बढ़ती है। ये रंग उत्साह और ऊर्जा का अनुभव कराते हैं।
चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन का रंग
माता रानी का आठवां स्वरूप मां महागौरी हैं और नवरात्रि के आठवें दिन पर इन्हीं की पूजा की जाती है। ऐसे में साधक को सफेद रंग के वस्त्र धारण करके देवी का आराधना करनी चाहिए। साथ ही, इस दिन गुरुवार का दिन होने से कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति मजबूत होती है और जीवन में सुख-शांति आती है।
चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन का रंग
नवरात्रि के अंतिम यानी नौवें दिन पर मां सिद्धिदात्री की पूजा करने का विधान होता है। ऐसे में इस दिन मैरून और लाल रंग के वस्त्र पहनकर पूजा करना शुभ माना जाता है। वहीं, शुक्रवार का दिन होने से शुक्र ग्रह का शुभ प्रभाव जीवन पर पड़ता है। इससे जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है।
