भोपाल: महाकुंभ 2025 में महामंडलेश्वर कैलाशानंदगिरि जी महाराज की शिष्या हर्षा रिछारिया छा गई है। अखाड़े की पेशवाई में रथ पर बैठी हर्षा रिछारिया को साध्वी बताया जा रहा था। बाद में उसने खुद ही आकर कहा कि मैं साध्वी नहीं हूं। हर्षा रिछारिया ने अभी दीक्षा नहीं ली है। वहीं, उसके माता-पिता भोपाल में रहते हैं। हर्षा मूल रूप से झांसी की रहने वाली है। पिता उज्जैन में कुंभ देखने आए थे। इसके बाद हर्षा का पूरा परिवार भोपाल में बस गया। माता-पिता ने एक इंटरव्यू में बताया है कि वह अध्यात्म की तरफ गई है लेकिन हम उसकी शादी के लिए लड़का देख रहे हैं। एक दो साल में उसकी शादी हो जाएगी।

फोटो: हर्षा रिछारिया
ट्रोल होने की वजह से घर वाले परेशान
हर्षा के पिता दिनेश रिछारिया ने कहा कि बेटी के साथ साध्वी का जो टैग लगाया गया है, उससे मुझे दिक्कत है। मैं खुश हूं कि मेरे बच्चे ईश्वर की भक्ति में लीन हैं। पिता दिनेश रिछारिया ने बताया कि पांचवीं तक की पढ़ाई उसकी झांसी में हुई है। इसके बाद हमलोग भोपल आ गए। भोपाल से उसने बीबीए किया है। साथ ही एंकरिंग का कोर्स किया है। इसके बाद वह एंकरिंग करने लगी।
हमलोग शादी के लिए लड़का देख रहे
वहीं, दिनेश रिछारिया ने कहा कि हम बेटी की शादी के लिए लड़का देख रहे हैं। हमने उसकी शादी के लिए दो जगह लड़का देखा है। एक देहरादून और दूसरा नासिक में देखा है। इसे लेकर परिवार में चर्चा चल रही है। एक दो साल में उसकी शादी हो जाएगी। मैं ब्राह्मण समाज से हूं मेरे बच्चे अध्यात्म की तरफ जा रहे हैं, मुझे खुशी है।
