कन्नौज रेल्वे स्टेशन हादसा: रेस्क्यू ऑपरेशन होने के बाद अफसरों ने ली राहत की सांस, मलबे में दबे होने की थी आशंका, अब होगी विभागीय जांच….

उत्तर प्रदेश

कन्नौज। रेलवे स्टेशन पर निर्माणाधीन लेंटर गिरने के बाद 16 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चला। पूरा मलबा हटाए जाने के बाद हादसे की पूरी स्थिति साफ हुई, तो जनहानि न होने पर अफसरों ने राहत की सांस ली।शनिवार दोपहर दो बजकर 20 मिनट पर रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत निर्माणाधीन भवन का लेंटर गिर गया था। हादसे में 25 मजदूर घायल हुए हैं।

प्रशासन को आशंका थी कि मलबे के अंदर कई मजदूर दबे हैं। इससे डीआरएम बीना सिन्हा, डीएम शुभ्रांत शुक्ल और एसपी विनोद कुमार की निगरानी में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने बचाव कार्य शुरू किया था। हादसे के दूसरे दिन रविवार सुबह पांच बजे मलबा हटाकर रेस्क्यू अभियान को समाप्त कर दिया गया।

सपा नेता के साले को मिला था काम

काम का ठेका सपा सरकार में मंत्री रहे नारद राय के साले रामविलास राय की फर्म आशुतोष इंटरप्राइजेज को दिया गया था। घटना के बाद से उनका मोबाइल फोन नंबर बंद है। रेलवे ने जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी बना दी है। हादसे में मामूली घायलों को 50 हजार और गंभीर घायलों को 2.5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हादसे को दुखद बताया है और जांच के लिए कमेटी बनाने की जानकारी दी है।

अमृत योजना के तहत रेलवे स्टेशन पर निर्माण हो रहा था

अमृत योजना के तहत रेलवे स्टेशन पर निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें 7.76 करोड़ से मुख्य भवन का निर्माण कराया जा रहा है। तीन दिनों से लगातार लेंटर की ढलाई हो रही थी। लिफ्ट मशीन से सीमेंट का मसाला ऊपर ले जाया गया, उसी दौरान शटरिंग में लगाई गईं बल्लियां चटकने लगीं और लेंटर का आधे से अधिक हिस्सा भरभराकर ढह गया। तेज धमाका व चीख पुकार सुनकर जीआरपी के सिपाही वहां पहुंचे।

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