राजधानी रायपुर /डिजिटल नेटवर्क/सत्य का सामना / रायपुर जिले के शासकीय अंग्रेजी और देशी मदिरा दुकानों में कार्यरत सुपरवाइजर, सेल्समैन एवं मल्टीवर्कर के वेतन में कंपनी द्वारा कटौती की गई है जिससे की रायपुर जिले के समस्त कर्मचारियों में गुस्सा फुट गया है। और इसे अन्यायपूर्ण एवं हिटलर शाही फैसला बताते हुए कर्मचारियों ने 28 दिसंबर तक भुगतान होने का कंपनी को अल्टीमेटम दिया है नहीं होने की दशा में 31 दिसंबर तक उग्र आंदोलन एवं मदिरा दुकान बंद करने का निर्णय लिया है..

बता दे की नवंबर माह में मदिरा कर्मचारियों के वेतन में भारी कटौती की गई है। सुपरवाइजर के दस हजार रूपये, सेल्समैन के सात हजार, एवं मल्टीवर्कर के पांच हजार वेतन के काटे गए है। कर्मचारियों ने बताया कि शासकीय ऐप सेवा सुविधा में जहाँ उनका वेतन ₹37,970 है वही उनके खाते में बीआईएस (BIS ) कंपनी द्वारा केवल ₹27,700 ही खाते में भेजे गए…

डैमरेज स्टॉक के पेनल्टी की वसूली
BIS कंपनी द्वारा कर्मचारियों को बताया गया है कि मदिरा दुकानों में पड़े डैमरेज स्टॉक की वजह से CSMCL द्वारा कंपनी पर 80 लाख रुपए का पेनल्टी लगाया गया है जिसे मदिरा दुकान के सुपरवाइजर, सेल्समेन एवं मल्टीवर्कर कर्मी के वेतन से वसूली की जा रही है….

BIS का तुगलकी फरमान
कंपनी द्वारा मदिरा दुकान में कार्य करने वाले समस्त कर्मचारियों को यह बता दिया गया है कि आने वाले 4 से 5 महीनों में कर्मचारियों के सैलरी से ही पेनल्टी की राशि वसूली की जाएगी और यह कंपनी का निर्देश है..
पहले ही टूट फुट से परेशान कर्मचारी
बता दे की मदिरा दुकानों में कर्मचारी पहले से ही टूट फुट से काफ़ी परेशान है जिले की शराब दुकानों से ज़ब वाहनों से माल आता है और ज़ब दुकान में खाली होता है तो करीब रोजाना कई पेटी देशी एवं अंग्रेजी शराब फुट जाती है यह यह करीब एक हजार तक या उससे ज्यादा और अगर हम महीनों का आकलन करे तो यह राशि दस से पंद्रह हजार रूपये तक पहुँचता है यह राशि भी कर्मचारियों को अपनी सैलरी से देना पड़ता है..
डैमरेज स्टॉक की वसूली रायपुर जिले में ही क्यों?
कर्मचारियों ने बताया कि डैमेज स्टॉक की वसूली सिर्फ रायपुर जिले से क्यों की जा रही है जबकि पूरे प्रदेश में CSMCL द्वारा कंपनी पर पेनल्टी लगाया गया है लेकिन वसूली सिर्फ रायपुर जिले से?
