रायपुर राजधानी /डिजिटल नेटवर्क /सत्य का सामना / छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी फेडरेशन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 28 दिसंबर को राजधानी रायपुर में जंगी प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

फेडरेशन ने आरोप लगाया है कि सरकार द्वारा नियमितीकरण, बहाली, न्यूनतम वेतन, पूर्णकालिक दर्जा, एवं आउटसोर्सिंग जैसे मुद्दों पर लगातार उपेक्षा की जा रही है। जिसके चलते प्रदेश से कर्मचारी सरकार से नाराज है।
कर्मचारी फेडरेशन संघ के संयोजक गोपाल साहू ने बताया की पिछले 5 वर्षो से लेकर 25-30 वर्षो तक लगातार सेवा दे रहे अनियमित कर्मचारी शासन की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में अपना योगदान दे रहे है। लेकिन आज भी वो “अनियमित” की श्रेणी में रहकर असुरक्षा, आर्थिक संकट, एवं प्रशासनिक दबाव झेलने को मजबूर है। चुनाव के समय दिए किये गये वादों का आज भी पालन नहीं किया जा रहा…

फेडरेशन का कहना है कि न्यू न्यूनतम वेतन का पुनरीक्षण वर्ष 2017 से नहीं हुआ है और संविदा वेतन में भी अगस्त 2023 के बाद कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है कई विभागों में कर्मचारियों को पिछले कई महीनो से वेतन नहीं मिला है जबकि कुछ विभागों में कई वर्ष कार्यकर्ता कर्मचारियों की छटनी भी की जा रही है। फेडरेशन के पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों से मिलकर कई बार अपनी बातें रखी और समस्याओं को सामने रखा लेकिन अभी तक इस पर विचार नहीं हो सका है
