राजधानी रायपुर /सत्य का सामना / छत्तीसगढ़ शासन में आबकारी विभाग एक ऐसा विभाग है जिससे सरकार को सबसे अधिक आमदनी होती है, सबसे अधिक राजस्व प्राप्त होता है लेकिन क्या मदिरा दुकानों में कार्य करने वाले कर्मचारी ख़ुश है ? यह सबसे बड़ा सवाल है वेतन वृद्धि होने के बावजूद कर्मचारी अपने नौकरी से इस्तीफा दे रहे है आइये जाने…

पूर्ववर्ती सरकार में सेल्समेन और सुपरवाइजर का वेतन क्रमश्: 12000 से 18000 करीब था। आज यह बढ़कर 24000 हजार से 36000 हो चुका है तो क्या वजह है की सेल्समैन और सुपरवाइजर इस्तीफा दे रहे है..?

पुरे प्रदेश में जाँच पड़ताल करने के बाद पता चला की दुकानों में जो घटती होती है उसे कर्मचारियों को अपनी जेब से वहन करना पड़ता है, वाहनों से जब गाड़िया माल सप्लाई करने आती है तो टूट फुट का आकड़ा 15 हजार से 30 हजार तक पहुंच जाता है कभी कभी यह आकड़ा 50हजार से एक लाख तक पहुंच जाता है ऐसे में दुकान की घटती (बोलचाल भाषा ) सेल्समैन और सुपरवाइजरो को भरना पड़ता है। ऐसे में कर्मचारियों को परिवार का भरण पोषण में काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है,..
देशी और मदिरा दुकानों में सुपरवाइजर सहित 5 से 7 कर्मचारी होते है कभी यह आकड़ा घट जाता है या कभी बढ़ जाता है लेकिन गाज गिरती है अधिकतर कर्मचारियों पे 50 हजार से एक लाख के बीच अगर घटती आती है तो सभी कर्मचारियों को अपनी तनख्वाह से घटती को भरना पड़ता है, इसे न सरकार वहन करती है और न ही कंपनी ऐसे मदिरा दुकानों में कार्य करने वाले कर्मचारी रोजगार होते हुए भी इस्तीफा देने मजबूर हो रहे है….
