काठमांडू/डिजिटल डेस्क/ नेपाल में सोशल मीडिया फेसबुक इंस्टाग्राम सुमित कई सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर बैन लगाए जाने के विरोध मेंगे Gen Z यानी 18 से 20 साल की युवा आंदोलनकारी आंदोलनकारी प्रदर्शन कर रहे हैं..

नेपाल की राजधानी काठमांडू सहित देश के 7 से 8 शहरों में चमकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है जहां पर कर्फ्यू लगा दिया गया है हिंसक परिषद में अब तक20 लोग मारे जा चुके हैं और करीब 400 लोग घायल हो चुके हैं युवाओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन हटाने की मांग करते हुए पारदर्शिता की सरकार को चेतावनी दी है…

12 हजार प्रदर्शनकारी संसद तक पहुंचे
सोमवार सुबह 12 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारी संसद परिसर तक पहुंच गए। इसके बाद सुरक्षा बलों ने कई राउंड फायरिंग की। आंसू गैस के गोले छोड़े, वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शनकारी इसके बाद भी नहीं माने। कई युवा बैरिकेड्स, दीवार-गेट फांदकर अंदर घुस गए। परिसर में आगजनी की। संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री आवास के आसपास कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।
दूसरी तरफ, केपी ओली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगी रोक हटाने से साफ इनकार कर दिया। इससे पहले कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि सरकार ने इन प्लेटफॉर्म्स से बैन हटा लिया है…
नेपाल में क्यों हो रहा है बवाल?
नेपाल में प्रदर्शन सोशल मीडिया पर बैन, भ्रष्टाचार और आर्थिक मंदी के खिलाफ है। नेपाल सरकार की ओर से फेसबुक, ट्विटर, वाट्सएप और यूट्यूब जैसे 26 सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रतिबंध लगाने से युवा भड़क गए हैं। इन युवाओं ने 8 सितंबर से Gen-Z रिवोल्यूशन के नाम से प्रदर्शन शुरू किया है। विरोध इस कदर बढ़ता जा रहा है कि हालात बेकाबू होते जा रहे हैं।
