राजधानी रायपुर / छत्तीसगढ़ के पारम्परिक लोक तिहार पोरा के पावन अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव के निवास में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए विधायक मोतीलाल साहू, इस अवसर पर महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल, पूर्व सांसद रमेश बैस भी शामिल हुए….

त्योहार की परंपराएं:
बैलों का साज-सज्जा और पूजा:
किसान अपने बैलों को नहलाते हैं, सजाते हैं, माथे पर चंदन लगाते हैं और उन्हें मालाएं पहनाते हैं.
खास पकवान:
इस दिन ठेठरी और खुर्मी जैसे पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं.
बच्चों के लिए खिलौने:
बच्चों को मिट्टी के बैल और अन्य खिलौने दिए जाते हैं, जिन्हें वे घर-घर जाकर दिखाते हैं और दक्षिणा पाते हैं.
बैलों की दौड़:
कुछ जगहों पर बैलों की दौड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है.
पारंपरिक खेल:
गांवों में युवक-युवतियां और बच्चे मैदान में पारंपरिक खेल खेलते हैं.
