शासन प्रशासन के कड़ाई के बावजूद भी उड़ा रहे नियमों की धज्जियाँ, चल रहा ओवररेट और कोचियागिरी का गोरखधंधा, मामला मोवा स्थित देशी विदेशी मदिरा दुकान का….

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राजधानी रायपुर /सत्य का सामना / प्रदेश में आबकारी विभाग राज्य को सबसे अधिक राजस्व देने वाला विभाग है अभी पुरे प्रदेश में अतिरिक्त शराब दुकान खोलने में कोहराम मचा हुआ है, जिससे पुरे प्रदेश में सरकार की किरकिरी हुई है दूसरी और आउटर तो आउटर अब शहर के बीचो बीच मदिरा दुकानों में ओवररेट और कोचियाओ का खेला शुरू हो गया है। 

 

पिछले कई महीनों से लगातार मोवा स्थित अंग्रेजी और देशी शराब दुकानों में ओवररेट की शिकायत लगातार आ रही है शासन द्वारा निर्धारित राशि से 10 तो कभी 20 रूपये की अतिरिक्त राशि ग्राहकों से ली जाती है…

 

फोटो : मोवा अंग्रेजी दुकान

 

कैसा होता है खेला आइये जाने 

देशी मदिरा शराब में लाल (शोले ) सादा (शोले) की मदिरा प्रेमियों के बीच काफ़ी डिमांड है श्रमिक और निन्मवर्गीय लोग इसका अधिक सेवन करते है, लेकिन आम तौर पे यह माल स्टॉक में रखा जाता है और ज्यादातर यूनिक में लाल और सादा को विक्रय हेतु रखा जाता है और आजकल मदिरा दुकानों में शेरा की भी बहुत डिमांड है। जैसे ही भीड़ होती है या थोड़ा अंधेरा होता है एक घंटे के लिए ओवररेट का खेला शुरू कर दिया जाता है, मसाला ( शोले ) और मसाला प्लेन में दस दस रूपये की अतिरिक्त राशि लेकर विभाग और सरकार को चुना लगाया जाता है…

 

 

फोटो : मोवा देशी दुकान

 

अंग्रेजी शराब दुकान का खेला

 जो खेला देसी शराब दुकान में होता है वैसे ही खेला अंग्रेजी शराब दुकान भी होता है जहाँ देशी में लाल( शोले) लोकप्रिय है वैसे जी कम दाम में ग्राहकों को 120 रूपये में गोवा मिल जाता था, शुरुवात में जम्मू, जीपसी और विभिन्न प्रकार के ब्रांड को खपाया जाता है और मौका देख के चौका मारते हुए गोवा में दस रूपये की अतिरिक्त राशि ग्राहकों से ली जाती है यही खेल 190 रूपये वाले और 240 रूपये वाले पौवे में खेला जाता है और तो और बियर में भी यह खेला समय देख देख के कर लिया जाता है। अब यह अतिरिक्त राशि अधिकारी, कर्मचारी, या कंपनी के जेब में जाता है यह बहुत बड़ा सवाल है?

 

 कौन है जिम्मेदार?

शासन के कड़े नियम के बावजूद भी रायपुर जिले के अधिकतर शराब दुकानों में ओवररेट और कोचीये का खेला हो रहा है सेल्समेन और कर्मचारियों के तनख्वाह बढ़ने और शासन के कढ़ाई के बावजूद भी यह धंधा जोरो शोरो से चल रहा है लेकिन लेकिन शासन और प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है अब इसपे क्या कार्यवाही होती है यह तो वक्त बताएगा..

 

कोचियाओ का खेला

मदिरा कर्मचारियों द्वारा कोचियाओ को एक शराब की पेटी में प्रत्येक पौवे पर 10 से 20 रूपये तक की अतिरिक्त राशि लेकर दिया जाता है कभी कभी यह राशि बढ़ और घट जाती है इस तरह सैकड़ों पेटी माल कोचीयाओ को सप्लाई कर दिया जाता है……

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