सौरभ हत्याकांड: पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आई सामने, डाक्टर हैरान…..

उत्तर प्रदेश

मेरठ /मर्चेंट नेवी के पूर्व कर्मचारी सौरभ राजपूत की नृशंस हत्‍या ने हर किसी को भौचक्‍का कर रखा है। सौरभ हत्‍याकांड में पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट भी सामने आ गई है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी शव देखकर हैरान हो गए। डॉक्टर बोले- सौरभ के साथ जो हुआ, वह बहुत ज्यादा भयावह था। चाकू के तीन वार सीधे उसके दिल पर किए गए थे, जिससे उसका हृदय बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। उन्‍होंने आज तक ऐसा पोस्टमार्टम किसी शव का नहीं किया।

 

फोटो: मृतक सौरभ एवं आरोपी पत्नी मुस्कान

 

पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला है कि सौरभ की हत्‍या दो हफ्ते पहले ही की जा चुकी थी। उसके शव को जलाने का भी प्रयास हुआ था। डॉक्‍टरों ने बताया कि शव की त्‍वचा लटकी हुई थी और सारे दांत हिल रहे थे। मेरठ के सीएमओ डॉक्‍टर अशोक कटारिया ने बताया कि उन्‍होंने अपने 30 साल के करियर में ऐसा केस कभी नहीं देखा। पोस्टमार्टम करने वाली टीम ने बताया कि मेरठ मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में हर साल करीब 1500 से 1800 शवों का पोस्टमार्टम होता है। इनमें से 700 से 800 पोस्टमार्टम में वे खुद शामिल रहते हैं, लेकिन सौरभ का मामला अपने आप में अनोखा और बेहद खौफनाक था। शुरू में यह सामान्य मामला लग रहा था, लेकिन जब शव को देखा गया तो सब सन्न रह गए।

 

शरीर के टुकड़े-टुकड़े, दिल पर गहरे वार

 

टीम ने बताया कि शव की हालत बेहद डरावनी थी। सौरभ की गर्दन धड़ से अलग कर दी गई थी। दोनों हाथ कलाइयों से कटे हुए थे और शरीर का बाकी हिस्सा भी अलग पड़ा था। यही नहीं, शरीर को छोटा करने के लिए उसके पैर पीछे की ओर मोड़ दिए गए थे, जो कठोर हो चुके थे और उन्हें सीधा करना नामुमकिन था। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि दिल पर चाकू के इतने गहरे वार किए गए थे कि वे अंदर तक चले गए थे। इससे साफ था कि वार बहुत ताकत से किए गए थे। करीब डेढ़ घंटे तक पोस्टमार्टम चला, जिसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया।

 

डॉक्टर भी रह गए सदमे में

 

टीम ने बताया कि वे सालों से पोस्टमार्टम कर रहे हैं और ज्यादातर मामलों में उन्हें भावनात्मक रूप से प्रभावित नहीं होना पड़ता। लेकिन सौरभ के साथ जिस तरह की क्रूरता की गई थी, उसने उन्हें भी झकझोर कर रख दिया। घर जाने के बाद भी उनके दिमाग में वही शव घूमता रहा। डॉक्टरों के मन में यह सवाल लगातार उठता रहा कि कोई पत्नी इतनी निर्दयी कैसे हो सकती है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *