है उसमें वित दिनों केरल हाईकोर्ट का है जो कि गौर फरमाने के लायक है: जिसमें मुख्य बातें हैं!1 :सुनवाई के दौरान गिरोह पक्ष के वकील ने अपने दलील में फिल्म केरल स्टोरी को बैन करने की मांग करते हुए कहा कि जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आया है कि लव जिहाद जैसा कुछ भी नहीं होता है इसीलिये यह फिल्म भ्रामक है और इसे बैन किये जाने की जरूरत है!कोर्ट का इसमें में जबाब था!की :होने को तो भूत-प्रेत भी नहीं होते हैं लेकिन उस पर भी फिल्म बनती ही है इसीलिये ये किसी फिल्म को बैन करने का आधार नहीं हो सकता!2:दूसरा तर्क दिया गया कि फिल्म में एक विशेष समुदाय के धर्मगुरु (मौलवी) को साजिशों में लिप्त और उसे खलनायक दिखाया गया है जिससे समुदाय की भावना आहत होती है!कोर्ट का जवाब था कि: ऎसा कुछ नहीं है क्योंकि ऎसी हजारों फिल्में हैं जिसमें हिन्दू एवं ईसाई समुदाय के धर्मगुरुओं को साजिशों में लिप्त और एक विलेन के तौर पर दिखाया गया है तो जब उससे आज तक हिन्दुओं और हिसाइयों की भावना आहत नहीं हुई है तो इसमें मौलवी को साजिशों में लिप्त होना दिखाने से भावना कैसे आहत हो जायेगी!3: गिरोह द्वारा दलील दी गई कि इस फिल्म के प्रर्दशन से समाज में कानून व्यवस्था की समस्या आ सकती है क्योंकि ये फिल्म एक समुदाय को विलेन दिखाता है!कोर्ट ने अपने जवाब में आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा : फिल्म में किसी समुदाय को नहीं बल्कि ISIS नामक एक खतरनाक आतंकी संगठन को विलेन दिखाया जा रहा है जो कि वो है भी,तो उसको आतंकी दिखाने से आपकी और समाज की भावना कैसे आहत हो सकती है और आप इस पर क्यों आपत्ति कर रहे हो!4: भाईयों अंत में गिरोह के वकील द्वारा दलील दी गई कि ऎसी कोई घटना हुई ही नहीं है! तो फिर जैसा कि फिल्म में दिखाया गया है वैसा तो हुआ ही नहीं है! इसीलिये केरल स्टोरी के प्रर्दशन को बैन किया जाना चाहिये!इस पर कोर्ट ने अपने जवाब में गिरोह को फटकारते हुए कहा कि फिल्म के शुरूवात में ही डिस्क्लेमर में हिदायत तो दिया गया है कि “ये सच्ची घटना पर आधारित फिल्म नहीं है बल्कि सच्ची घटना से प्रेरित फिल्म है” और प्रेरित होने मात्र से फिल्म के प्रदर्शन को बैन नहीं किया जा सकता!दोस्ती इस जिरह के बाद अंततः फिल्म को बैन करने वाली याचिका को निरस्त कर दिया गया है और फिल्म रिलीज हो गई चल रही है! मित्रों अगर ध्यान से देखा जाये तो केरल हाईकोर्ट ने जिरह के दौरान कुछ बेहद अहम टिप्पणियां की है जिसके काफी दूरगामी परिणाम होंगे ! “टिप्पणी यह है कि :हमें ये समझाने के लिये पर्याप्त है कि सत्ता एवं समाज की सोच बदलने के बाद सिस्टम के हर क्षेत्र में कैसे उसकी प्रतिध्वनि सुनाई देने लगती है इसको समझने की जरूरत है!