नागपुर:सत्य का सामना/ रायपुर की रहने वाली श्वेता ने बताया कि 2015 में महाराष्ट्र के नागपुर में रहने वाले युवक पराग चेलवानी से सामाजिक रीति रिवाजों से मेरा विवाह सम्पन्न हुआ था। शुरू में सब ठीक चल रहा था, लेकिन विवाह के छह महीने के बाद उसे ससुराल में प्रताड़ित किया जाने लगा। पीड़िता ने जानकारी देते हुए बताया कि उसके पति सहित उसके सास, ससुर और नन्दन नन्दोई ने मायके से पैसे मांगने और मायके की समाप्ति में हिस्सा लेकर आने का दबाव डालते रहे। इतना ही नही उनके साथ बुरी तरह से मारपीट की जाने लगी, पीड़िता को उसके सास, ससुर और नन्दन नन्दोई उन्हें अपमानित करने के साथ ही उसके माता पिता एवं मायके वालों के लिए अपशब्द और गाली गलौज करते थे।
पीड़िता ने आगे कि बताया कि जब अपने पति से परिवार के अन्य सदस्यों के द्वारा प्रताड़ित करने की शिकायत करती थी तो वो भी मुझसे मारपीट करते थे। और यह सिलसिला लगभग छह सात साल तक चलता रहा, और पीड़िता मायके में आकर रहने लगी। इसके बाद भी पीड़िता ने अपनी शादी बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन ससुराल वालों में कोई बदलाव नही आया, वापस सुसराल जाने उसके साथ वैसा बुरा बर्ताव किया जाता रहा, और उसके लाखों की नगदी, जेवर सहित अन्य सामान भी अपने कब्जे में कर लिया है।

जिससे परेशान होकर अंततः पीड़िता ने रायपुर के महिला थाने में नागपुर जरीपटका निवासी अपने पति पराग चेलवानी, ससुर चन्दरलाल चेलवानी, सास माया चेलवानी, ननन्द रिया और नन्दोई विजय आनन्दानी के खिलाफ मानसिक, शारीरिक व दहेज प्रताड़ना के खिलाफ 498A, 34 के तहत अपराध दर्ज कराकर न्याय की गुहार लगाई है।
