एंटरटेनमेंट डेस्क /सत्य का सामना / बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने एक बार फिर से यह कहा है कि “महाभारत” उनके लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक भावनात्मक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। मीडिया को दिए गए इंटरव्यू में आमिर खान ने बताया कि वह इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर कोई भी जल्दबाजी करना नहीं चाहते क्योंकि यह कहानी हर भारतीयों के दिल से जुड़ी हुई है..

बॉलीवुड अभिनेता कहना है कि महाभारत हमारी संस्कृति हमारे संस्कार और हमारी सोच का अहम हिस्सा है। या सिर्फ एक ग्रंथ नहीं बल्कि कई पीढियां से चली आ रही सीख है, जिसे लोग अपनी दादी नानी नानी की कहानी से लेकर भगवत गीता तक में महसूस करते आए हैं ऐसे में अगर इस कहानी को पर्दे पर उतर जाए और उसमें जरा से भी चूक हुई तो करोड़ों लोगों को निराश कर सकती है
