छिंदवाड़ा /डिजिटल डेस्क /सत्य का सामना / मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परसिया ब्लॉक में में हड़कंप मचा हुआ है जहाँ रहने वाले नौ मासूमों की मौत हो चुकी है, मिली जानकारी के अनुसार बुखार आने पे परिजन उन्हें डॉक्टर के पास ले गए जहाँ कुछ बच्चों को सिरफ वही कुछ बच्चों को नेक्सट्रॉस डीएस दवाई दी गई, इसके बाद बच्चों की तबियत बिगड़ने लगी और उनकी किडनी खराब हो गई, और फिर एक एक करके बच्चों ने दम तोड़ दिया, इस घटना से पुरे छिंदवाड़ा जिले में हड़कंप मच गया है, शासन प्रशासन सकते में आ गए हैं….

छिंदवाड़ा के परासिया ब्लॉक में अब तक शिवम, विधि, अदनान, उसैद, ऋषिका, हेतांश, विकास, चंचलेश और संध्या की मौत हो चुकी है. इनमें से अधिकांश बच्चों को परासिया के प्रमुख शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी के निजी क्लीनिक में दिखाया गया था, जहां से उन्हें ये दवाइयां दी गई थीं. शासन का कहना है कि कुछ दवाओं की जांच हो गई है और कोई गड़बड़ नहीं मिली है, वहीं प्रशासन का कहना है कि किडनी बायोप्सी से साफ हो गया है कि कफ सिरप मानकों के अनुरूप नहीं था. इस बीच, बच्चों के माता-पिता का दर्द उनकी बातों में साफ झलक रहा है..
SDM ने माना, किडनी इन्फेक्शन हुआ था
उधर दूसरी तरफ परासिया के एसडीएमशुभम यादव का कहा है कि बायोप्सी रिपोर्ट से साफ हो गया है किडनी इन्फेक्शन ही था. सभी बच्चे 5 साल के करीब उम्र के थे. बीमारियों के कॉमन कारण जैसे कि गंदा पानी, चूहे, मच्छर सबकी जांच कराई गई है. उन्होंने कहा कि पहले गाम्बिया में भी ऐसी घटना सामने आई थी. बुखार के बाद किरेटिनिन बढ़ रहा था. 2022 में डायथिलीन ग्लायकॉल का संक्रमण मिला था. कार्रवाई के सवाल पर एसडीएम यादव का कहना था कि कार्रवाई तो तब होगी जब ये साबित होगा कि गलती उन्हीं की थी…
