सत्य का सामना। डिजिटल डेस्क
Passport Rule Changes: भारत सरकार ने 15 फरवरी 2026 के बाद लागू होने वाले पासपोर्ट नियमों में बड़े बदलावों की घोषणा की है. इन नए नियमों का मकसद पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया को आसान, तेज और ज्यादा सुरक्षित बनाना है. सरकार का कहना है कि इससे कागजी काम कम होगा, जांच प्रक्रिया डिजिटल होगी और लोगों को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी. आइए जानते हैं क्या होंगे बदलाव-

दस्तावेज और पहचान से जुड़े बदलाव
नई व्यवस्था के तहत अब आधार और अन्य सरकारी पहचान पत्रों को पहचान और पते के मुख्य प्रमाण के रूप में प्राथमिकता दी जाएगी. इससे अलग-अलग दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम होगी.
अब ज्यादातर दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड किए जा सकेंगे, जिससे पासपोर्ट सेवा केंद्र पर बार-बार जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. साथ ही, जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट को भी छोटा किया गया है ताकि आवेदन करना आसान हो सके.
अगर आवेदन अधूरा होगा या गलत जानकारी अपलोड की गई होगी, तो उसे सख्ती से खारिज किया जाएगा. इसलिए फॉर्म भरते समय पूरी सावधानी बरतना जरूरी है…
पुलिस वेरिफिकेशन होगा तेज
पहले पासपोर्ट जारी होने में पुलिस वेरिफिकेशन में काफी समय लग जाता था. अब नई डिजिटल व्यवस्था के तहत अलग-अलग विभागों के बीच ऑनलाइन तालमेल होगा. इससे बैकग्राउंड चेक कुछ ही दिनों में पूरा किया जा सकेगा.
कुछ मामलों में पासपोर्ट पहले जारी कर दिया जाएगा और बाद में पुलिस जांच पूरी की जाएगी. हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया है कि सुरक्षा मानकों में कोई ढील नहीं दी जाएगी.
ऑनलाइन प्रक्रिया और सुविधाएं
सरकार ने पासपोर्ट पोर्टल को भी अपग्रेड किया है. अब पूरा आवेदन ऑनलाइन भरा और जमा किया जा सकेगा. अपॉइंटमेंट बुक करना भी आसान होगा और किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं पड़ेगी.
आवेदक अपने आवेदन की स्थिति रियल-टाइम में ट्रैक कर सकेंगे और उन्हें स्टेटस की जानकारी ऑटोमैटिक अलर्ट के जरिए मिलती रहेगी.
बच्चों के पासपोर्ट के लिए भी नियम आसान किए गए हैं. अब डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल आईडी कार्ड और माता-पिता की सहमति से जुड़े दस्तावेजों को सरल तरीके से स्वीकार किया जाएगा..

