सुहेला /सत्य का सामना / छत्तीसगढ़ राज्य धन धन, एवं खनिज सम्पदा से परिपूर्ण राज्य हैँ प्रकृति ने इस राज्य को खूबसूरत तो बनाया हैँ किन्तु साथ साथ खनिज संपदा भी भरपूर दी हैँ और इनकी रक्षा, रख रखाव, उचित रूप से दोहन जिसका जनता और शासन को लाभ हो इसके लिए विभाग हैँ और इन विभागों द्वारा जहाँ जहाँ खनिज सम्पदाओ का उत्तखनन किया जाता हैँ वहाँ खनिज चौकी स्थापित की जाती हैँ ताकि अवैध खनन को रोका जाये और और परिवहन पे तत्काल कार्यवाही की जा सके……

लेकिन जिला बलौदाबाजार भाटापारा स्थित सुहेला खनिज जाँच चौकी में कोई माई बाप नहीं हैँ पतासाजी करने पर एक झोपड़ीनुमा टपरी में जाँच चौकी का कार्य चलता हैँ लेकिन कई महीनों से वहां कोई नहीं रहता…
परिवहन गाड़ियों की परमिट, बिल्टी, चालान काटने के लिए और अवैध खनन के कार्य को रोकने के लिए क्या उपाय किये जाते हैँ यह जांच का विषय हैँ….
अधिकारिओ एवं कर्मचारियों की गैरमौजूदगी
खनिज जाँच चौकी में अधिकारी, कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से रहती हैँ किन्तु सुहेला जाँच चौकी में कर्मचारियों गैर मौजूदगी बड़ा सवाल पैदा करती हैँ क्या अवैध खनन रोका जा रहा हैँ? क्या परिवहन वाहनों की जाँच सही की जा रही हैँ, बिल्टी, परमिट, परमिशन की जाँच को सही मायने पे जांच की जा रही हैँ, और तो और कई लोगो ने यह भी शिकायत की हैँ की फोन से ही सभी कार्य निपटाए जाते हैँ…..
