सत्य का सामना /छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग से सरकार को प्रत्येक दिन करोड़ो की आमदनी होती है आबकारी विभाग ऐसा विभाग में जिसमें सरकार के खजाने में करोड़ो रूपये मिलते है उसके बावजूद भी मदिरा दुकानों में कार्य करने वाले सुपरवाइजर और सेल्समैन की हालत बद से बदतर हो गई है..

पुरे प्रदेश में कर्मचारियों का यही हाल है नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया की दो दो महीने से तनख्वाह नहीं आ रही है सैलरी में बढ़ोतरी तो हुई है लेकिन कट फिट के जो आता है वो बराबर हो जाता है और अगर कही गलती से किसी कर्मचारी ने छुट्टी ले ली तो उनका सैलेरी से काट दी जाती है, शराब दुकानों में कार्य करने वाले कर्मचारियों को साल में बस एक या दो ही छुट्टी मिलती है बाकि दिन उसे कोल्हू के बैल के तरह काम करना पड़ता है…..
टूट फुट का करना पड़ता है भुगतान
पुरे प्रदेश में जब शराब की दुकानों में सप्लाई होती है ट्रको से माल जब दुकानों में लाया जाता है तब शराब की पेटी निकालते वक़्त पेटीयो में कई शीशी टूटी फूटी मिलती है इंग्लिश और देशी दुकान में करीब पांच सौ रूपये से करीब आठ सौ रूपये तक का टूट फुट रोजाना होता है और करीब यह महीने में 15000 हजार से 20000 हजार तक पहुँचता है और यह टूट फुट का भुगतान सुपरवाइजर और सेल्समेन से दबाब बनाकर कंपनी और आबकारी अधिकारियो द्वारा भरवाया जाता है..

