मुंबई/राज ठाकरे ने शिवाजी पार्क में वार्षिक गुड़ी पड़वा रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मुगल शासक एक विचार को मारना चाहते थे और वह है शिवाजी लेकिन असफल रहे। उन्होंने कहा कि बीजापुर के सेनापति अफजल खान को प्रतापगढ़ किले के पास दफनाया गया था और यह छत्रपति शिवाजी महाराज की अनुमति के बिना संभव नहीं था।

फिल्म से जागृत हुए हिंदू बेकार- राज ठाकरे
राज ठाकरे ने लोगों से उकसावे में नहीं आने और विचलित न होने का आग्रह करते हुए कहा कि शिवाजी से पहले और शिवाजी के बाद के युगों में सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियां भिन्न थीं। राज ठाकरे ने यह भी कहा है कि फिल्म देखकर जागने वाले हिंदू बेकार हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम मौजूदा समय के असली मुद्दों को भूल गए हैं। एक फिल्म देखकर जागने वाले हिंदू किसी काम के नहीं हैं। क्या आपको विक्की कौशल को देखकर संभाजी महाराज के बलिदान के बारे में और अक्षय खन्ना को देखकर औरंगजेब के बारे में पता चला?’’
ठाकरे ने कहा कि आपको व्हॉटसऐप पर इतिहास समझ में नहीं आता। इसके लिए आपको किताबें पढ़नी होंगी। अब कोई भी इतिहास के बारे में बात नहीं करने लगा है। वे विधानसभा में भी औरंगजेब के बारे में बात करते हैं।”
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने औरंगजेब की कब्र को लेकर कथित तौर पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने के प्रयासों की रविवार को निंदा की और कहा कि इतिहास को जाति और धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से इतिहास से जुड़ी जानकारियों के लिए व्हॉटसऐप पर आने वाले संदेशों पर निर्भर न रहने को कहा।
